डाइट करने के बाद भी वजन कम क्यों नहीं होता? ये 5 बड़ी गलतियाँ जरूर जानें

Diet Ke Baad Bhi Weight Kyon Nahi Ghatta: दोस्तों डाइट के बाद वजन क्यों नहीं घटता क्योंकि हेल्थ एक्सपेक्ट के अनुसार आजकल डाइट औघंटे जिम और पसीना बहाने के बावजूद भी कई लोगों का वजन कम नहीं होता है। इसका कारण उसकी रोजमरा की छोटी-छोटी गलतियां होती है। जो लोग अपनी वजन कम करने के लिए तरह-तरह की कोशिश करते हैं। लेकिन आज के समय में उसका लाइफस्टाइल की कई छोटी छोटी बुरी चीजे है। जिससे वजन कम नहीं हो रहा और जिसका सीधा असर फिटनेस जर्नी पर पड़ता है। जिसके कारण डाइट एक्सरसाइज करने पर भी उसका असर शरीर पर नहीं दिखता है और डाइट प्लान फेल क्यों होता है। क्योंकि फिटनेस एक्सपर्ट कुछ ऐसी चीजे बताते हैं। जो हमारे शरीर कि मोटापा को धीमा कर देते हैं जिसके कारण वजन कम नहीं हो पता है। लेकिन हम इन छोटी-छोटी गलतियों को सुधार कर अपनी Weight घटाने की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

वजन कम न होने के कुछ मुख्य कारण

नींद की कमी और स्ट्रेट

जो लोग ठीक से नहीं सो पाते हैं। और ठीक से नहीं सोने की वजह से हमारे शरीर में हार्मोन शरीर के संतुलन को बिगाड़ देता है। जब हम कम सोते हैं। तो हमारे शरीर में स्ट्रेड हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। और यह हार्मोन हमारे शरीर में भूख और चर्बी को बढ़ाता है। इसलिए हमें कम से कम रात को 7 से 8 घंटा का गहरी नींद लेना बहुत जरूरी है।

पानी कम पीना

पानी की कमी से हमारा शरीर की  मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। जिससे फैट बर्निंग रुक जाता है। जिससे टॉक्सिन हार्मोन बाहर निकलते हैं। इसलिए हमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। पानी नहीं पीने से जिम करने का भी कोई फायदा नहीं हो पाएगा।

प्रोटीन की मात्रा कम होना

वजन कम करने के लिए कैलोरी कम करना ही काफी नहीं बल्कि सही न्यूट्रिशन भी जरूरी है। डाइट में प्रोटीन की कमी से मसल्स को नुकसान होता है। और पेट जल्दी नहीं भरता। प्रोटीन थार्मिक इफेक्ट पैदा करता है। जिससे डाइजेशन के दौरान और कैलोरी बरन होती है। अगर आपका भोजन में दाल पनीर और अंडा शामिल नहीं है। तो वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

देर रात तक जगना और स्नैकिंग

रात के समय मेटाबॉलिज्म धीमा रहता है। ऐसे में देर रात खाना खाने से शरीर उन कैलोरी को ऊर्जा देने की बजाय फैक्ट के रूप में जमा हो जाता है। टीवी, मोबाइल देखना, चिप्स खाना, बिस्कुट खाना आपका दिन भर की मेहनत पर पानी फेर सकता है। इसलिए हमें सोने से तीन घंटे पहले हमें खाना खा लेना चाहिए।

शारीरिक सक्रियता की कमी

केवल एक घंटा वर्कआउट करना और बाकी के 23 घंटा बैठे रहना, सेडेंटरी बिहेवियर कहलाता है। वजन कम करने के लिए NEAT (नॉन एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस) बहुत महत्वपूर्ण है। इससे टहलन , चलना या घर के काम करना शामिल है। अगर आप बैठे रहते हैं । तो जिम करने पर भी आपको कोई फायदा नहीं होगा ।

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