UP Free Education Scheme for Girls: उतर प्रदेश में फिर से एक बार योगी सरकार ने लड़कियों की शिक्षा पर फोकस कर रही है। और योगी सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहुत ही अहम और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब योगी सरकार की वजह से उत्तर प्रदेश की बेटियों की शिक्षा अब और भी आसान हो जाएगी। यदि किसी घर की दो बिटिया एक ही स्कूल या शिक्षण संस्थान में पढ़ाई कर रही है। तो योगी सरकार द्वारा निकाली गई इस योजना के तहत दो बेटी में से एक बेटी की ट्यूशन फी माफ कर दी जाएगी। इस योजना को योगी सरकार ने खास तौर आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद गरीब परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से ला रही है।( Photo:Unsplash)

योजना की मुख्य बातें
1. यदि किसी स्कूल,कॉलेज,संस्थान में एक परिवार की दो बेटी पढ़ती है। तो एक बेटी की फीस होगी माफ़। 2. इस योजना के तहत सरकारी और निजी दोनों शिक्षक शामिल होंगे।
3. यदि निजी कॉलेज,स्कूल या संस्थान फीस माफ नहीं करती है। तो फीस की पूर्ति सरकार करेगी।
4. इस योजना का फोकस बहन बेटियों की शिक्षा और ड्रॉप आउट को रोकने पर है।
5. महिला कल्याण विभाग को नोबेल विभाग बनाए जाने का प्रस्ताव।
योगी सरकार का फोकस निजी स्कूल और कॉलेज पर है।
शासन के एक वरिष्ठ ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लड़कियों की शिक्षा पहले से ही मुफ्त है। इस नई योजना का उद्देश्य निजी स्कूलों,कॉलेज और संस्थान में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बहन एवं बेटियों को राहत देना है। जिस भी कॉलेज,स्कूल या निजी संस्थान में फीस अधिक होता है। तो वैसे निजी स्कूल,कॉलेज या संस्थान् में फीस माफी की अपील की जाएगी। यदि सहयोग नहीं मिलता है। तो फीस कि पूर्ति सरकार करेगी। और गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह योजना कोविड काल से जुड़ा है।
सरकार ने कोविद-19 महामारी के दौरान प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार ने पहले भी एक मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू कर चुकी है इसी योजना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया था। कि किसी गरीब परिवार की दो बेटी अगर एक ही स्कूल,कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। तो उसकी एक बेटी की ट्यूशन फीस माफ कर दी जाएगी। हालांकि उस समय सरकार ने आचार संहिता चलने की वजह से इस योजना पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया पर काम करना शुरू कर दिया है।
जल्द ही तय होगी प्रक्रिया और शर्तें
इस योजना को लेकर सीएम प्रमुख सचिव् संजय प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हो चुका है। और इस योजना के लिए नोबेल विभाग और सिंगल विंडो सिस्टम तय किया गया है। अब इस योजना में आयु सीमा,पात्रता,बजट और आवेदन प्रक्रिया पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद इस योजना को लांच किया जाएगा। यानी की अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार का मकसद
योगी सरकार का लक्ष्य है। कि किसी भी बेटी की पढ़ाई आर्थिक करनो से नहीं रुकनी चाहिए। यह् योजना न सिर्फ लड़कियों की शिक्षा को मजबूत बनायेगा बल्कि ये योजना गरीब परिवार पर पड़ने वाली आर्थिक दबाव को काम करेंगे
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की ये फैसला बहनों एवं बेटियों की शिक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक संदेश देती है। यदि इस योजना को सरकार सही ढंग से लागू करती है। तो हजारों गरीब परिवारों के लिए शिक्षा की राह को और आसान बना देगा। इससे गरीब परिवारों को अपनी बहू बेटियों को पढ़ने में आर्थिक परेशानी नहीं होगी ।
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