Exam hall brain freeze यह एक आम समस्या है जिसमें परीक्षा हॉल में पहुंचते ही विद्यार्थियों का दिमाग काम करना बंद कर देता है। और परीक्षा के समय हर विद्यार्थी के मन में एक ही सवाल घूमते रहता है कि इतनी मेहनत और इतनी तैयारी करने के बावजूद भी परीक्षा हॉल में बैठने के बाद सब कुछ भूल क्यों जाता हूं। (Photo: Unsplash)

दोस्तों यह सवाल सिर्फ एक विद्यार्थी के लिए नहीं है बल्कि स्कूल,कॉलेज और प्रतियोगिता परीक्षा मैं बैठने वाले लाखों करोड़ों विद्यार्थियों की सच्चाई है। लेकिन कई बार तो जो पढ़ाई में टॉप और तेज रहता है उसे भी इस समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन क्या यह सच में पढ़ाई की कमी है जानकारों की सलाह को माने तो यह पढ़ाई की कमी नहीं है।
विद्यार्थियों की दिमाग में परीक्षा का दवाव और प्रतिक्रिया
दोस्तों जैसे ही एग्जाम सामने आते जाता है वैसे ही विद्यार्थियों की तनाव बढ़ाते जाती है। और Exam hall brain freeze हो जाता है। एग्जाम हॉल का माहौल,निगरानी,सन्नाटा और समय की पाबंदी यह सभी चीजे भी विद्यार्थी के दिमाग को अलर्ट कर देता है और इस दौरान विद्यार्थियों के शरीर में कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यह हार्मोन लोगों के उस हिसा को प्रभावित करता है जहां से लोग सोचते समझते और निर्णय लेते है। और इसका परिणाम स्वरुप यह होता है कि हम घर में जो चीज को याद किए रहते हैं एग्जाम हॉल में जाते ही सारा चीज दिमाग से गायब हो जाता है।
Exam hall brain freeze इसकी सबसे बड़ी रुकावट क्या है।
दोस्तों विद्यार्थी जब भी परीक्षा देने जाते हैं तो उसके दिमाग में तरह-तरह की नकारात्मक सोच चलती रहती है जैसे अगर हम सारा चीज भूल गए तो,अगर मैं फेल हो गया तो,घर में क्या जवाब देंगे और पता नहीं कैसे क्वेश्चन आएंगे। (Photo:Unsplash)

इसी नकारात्मक सोच की वजह से विद्यार्थी के मन में सवाल हल करने की वजह डर पैदा कर देता है। और विद्यार्थी का फोकस टूट जाता है जिससे वह घबरा जाते है। और विद्यार्थी का Exam hall brain freeze हो जाता है।
विद्यार्थी का आखिरी समय की पढ़ाई क्यों बनता है नुकसानदायक
दोस्तों अक्सर देखने को मिलता है कि विद्यार्थी ठीक परीक्षा से पहले घंटो तक लगातार पढ़ते रहते है। विद्यार्थी सोचते हैं कि जितना ज्यादा रटेंगे उतना ही अच्छा होगा। लेकिन विद्यार्थी जितना ज्यादा रखते हैं उतना ही उसके दिमाग में दबाव पडते जाता है। और यह रटा हुआ चीज उसके दिमाग में कुछ ही समय के लिए रहता है और जब भी विद्यार्थी परीक्षा हॉल में प्रवेश करता है तो तनाव के करण पढ़ा हुआ चीज उसके दिमाग से बाहर नहीं निकल पाता है जिससे Exam hall brain freeze हो जाता है।
क्या परीक्षा की तैयारी कमजोर थी
दोस्तों परीक्षा हॉल में जाते ही भूल जाना इस बात का सबूत नहीं है कि विद्यार्थी ने मेहनत नहीं की थी। ऐसा कुछ पल के लिए होता है लेकिन विद्यार्थी को एग्जाम हॉल में बैठने के बाद उसके दिमाग को जैसे ही समय और शांति मिलता है। वैसे ही विद्यार्थी का याददाश्त धीरे-धीरे वापस आने लगती है। (Photo:Unsplash)

विद्यार्थी का फोकस ना बन पना भी बहुत बड़ी वजह है
दोस्तों विद्यार्थियों को तनाव की वजह से छात्र सवाल को पढ़ तो लेते हैं लेकिन समझ नहीं पाते हैं। बार-बार पढ़ने के बाद भी विद्यार्थी उसका सही अर्थ नहीं निकाल पाते हैं। यह समस्या उन छात्रों पर ज्यादा देखने को मिलती है जो छात्र एग्जाम को लेकर बहुत ही गंभीर और डरे हुए रहते हैं।
विद्यार्थियों को एग्जाम हॉल में पहुंचने के बाद क्या करना चाहिए
विद्यार्थियों को एग्जाम हॉल में पहुंचने के बाद यह उपाय करना चाहिए
| 1. लिखना शुरू करने से पहले विद्यार्थी सीट पर बैठने के बाद 10-15 सेकंड गहरी सांस ले। |
| 2. विद्यार्थी को जो क्वेश्चन का उतर तुरंत याद आए उसे पहले ही उत्तर पुस्तिका में लिख दे। |
| 3. विद्यार्थी को सबसे पहले आसान सवालों का हल करना चाहिए। इससे विद्यार्थी का आत्मविश्वास बढ़ता है और विद्यार्थी का दिमाग धीरे-धीरे शांत होता है। |
| 4. विद्यार्थी को दूसरे छात्र कितने तेजी से लिख रहे हैं उस पर ध्यान नाही देना चाहिए। |
| 5. परीक्षा हॉल में अगर अनुमति होता है तो दो-तीन घूंट पानी पिए इससे दिमाग को रिलैक्स मिलता है। |
शिक्षकों की क्या राय है
दोस्तों शिक्षकों का कहना है की परीक्षा ज्ञान की नहीं बल्कि मानसिक संतुलन का भी परीक्षा होती है। जो छात्र परीक्षा से होने वाली परेशानियों का सामना करना सीख जाते हैं वह एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों शिक्षकों का कहना है की परीक्षा ज्ञान की नहीं बल्कि मानसिक संतुलन का भी परीक्षा होती है। जो छात्र परीक्षा से होने वाली परेशानियों का सामना करना सीख जाते हैं वह एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।